फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि व्रत में जरूर करें इन पांच नियमों का पालन, मनोवांछित फल की होगी प्राप्ति

Mon, 22 Sep 2025 06:02 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस वर्ष का शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर को शुरू हो रहा है। नवरात्रि में बहुत से श्रद्धालु नौ दिनों का व्रत करते हैं। इन उपवास के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में ऐसे ही पांच प्रमुख नियमों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 6
Shardiya Navratri 2025 - फोटो : freepik
Shardiya Navratri Fast Rules: शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। लाखों भक्त इन नौ दिनों में व्रत रखकर देवी को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने का प्रयास करते हैं।

हालांकि नवरात्रि का व्रत केवल भूखे रहने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक कठोर आध्यात्मिक साधना है जिसमें तन, मन और आत्मा की शुद्धि पर जोर दिया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, व्रत का पूर्ण और मनोवांछित फल तभी प्राप्त होता है जब इसका पालन पूरे विधि-विधान और कड़े नियमों के साथ किया जाए। यदि आप भी इस नवरात्रि व्रत रख रहे हैं, तो इन पांच महत्वपूर्ण नियमों का पालन जरूर करें।
विज्ञापन

2 of 6
नवरात्रि व्रत 2025 - फोटो : Freepik
सात्विक आहार का पालन
नवरात्रि व्रत का सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम है सात्विक भोजन। इन नौ दिनों में मांस, मदिरा, अंडा, लहसुन, प्याज जैसे तामसिक और राजसिक खाद्य पदार्थों का सेवन पूरी तरह से वर्जित है। व्रत के दौरान केवल फलाहार, दूध, दही, और कुट्टू, सिंघाड़ा जैसे व्रत के अनाजों का ही सेवन करें। भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करें। सात्विक भोजन मन को शांत और शुद्ध रखता है, जो साधना के लिए अत्यंत आवश्यक है।

ये भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि के पहले दिन इन आरती से करें देवी की पूजा, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद
 
विज्ञापन

3 of 6
नवरात्रि 2025 - फोटो : Adobe Stock
ब्रह्मचर्य का पालन करें
व्रत की अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इस नियम का उद्देश्य अपनी ऊर्जा को संरक्षित कर उसे आध्यात्मिक दिशा में लगाना है, जिससे भक्ति और गहरी हो सके।

ये भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2025: 22 सितंबर को नवरात्रि का पहला दिन, जानें मां दुर्गा के कौन-से रूप की होती है पूजा?

4 of 6
शारदीय नवरात्रि 2025 - फोटो : Adobe Stock
आचरण की शुद्धता
नवरात्रि के नौ दिन आत्म-नियंत्रण और आत्म-चिंतन के हैं। इस दौरान अपने आचरण को पूरी तरह से शुद्ध रखें। झूठ बोलना, किसी पर क्रोध करना, चुगली करना या किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें। वाणी और व्यवहार में सौम्यता बनाए रखें। किसी का दिल दुखाने से व्रत का पुण्य क्षीण होता है, इसलिए सभी के प्रति प्रेम और सद्भाव का भाव रखें।
विज्ञापन

5 of 6
स्वच्छता रखें - फोटो : adobe stock
स्वच्छता और भूमि शयन
इन नौ दिनों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। प्रतिदिन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को भी साफ-सुथरा रखें। मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में बाल या नाखून काटना भी वर्जित है। इसके साथ ही, कई भक्त अहंकार के त्याग और सादगी के प्रतीक के रूप में पलंग पर न सोकर जमीन पर स्वच्छ चादर बिछाकर सोते हैं। यह देवी के प्रति समर्पण और त्याग को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पूजा थाली - फोटो : Adobe Stock
नित्य पूजा और क्षमा-प्रार्थना
व्रत रखने वाले साधक को दोनों समय (सुबह-शाम) देवी की पूजा, मंत्र जाप और आरती करनी चाहिए। यदि संभव हो तो दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। पूजा के अंत में देवी से अपनी जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा-प्रार्थना करें। इन नियमों का पूरी श्रद्धा से पालन करने पर ही व्रत सफल होता है और मां दुर्गा की असीम कृपा से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें