फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sharad Purnima 2022: शरद पूर्णिमा की रात के पांच उपाय, होगी धन की वर्षा और सेहत भी रहेगी दुरुस्त

Sun, 09 Oct 2022 12:57 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
SHARAD PURNIMA 2022: अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा,रास पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस बार यह पूर्णिमा 09 अक्टूबर को मनाई जाएगी। - फोटो : istock
Sharad Purnima 2022:  आज शरद पूर्णिमा है और सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का विशेष स्थान होता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा, रास पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि पर चन्द्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है एंव वह अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है। इस रात्रि में चन्द्रमा का ओज सबसे तेजवान और ऊर्जावान होता है। चन्द्रमा की पूर्ण आभा अधिक अनुराग उत्पन्न करते हुए जड़ता में भी चेतनता का भाव उत्पन्न कर देती है। शरद पूर्णिमा को की गई पूजा-अर्चना व्यक्ति के नीरस सूखे जीवन में भी प्रेम अनुराग का रस घोल देती है।  
विज्ञापन

2 of 6
sharad purnima
धन-वैभव पाने के लिए-
नारद पुराण के अनुसार शरद पूर्णिमा की धवल चाँदनी में माँ लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर अपने कर-कमलों में वर और अभय लिए निशीथ काल में  पृथ्वी पर भ्रमण करती है। जो इस रात में जागकर माँ लक्ष्मी की उपासना करते है माँ लक्ष्मी की उन पर असीम कृपा होती है, ज्योतिषीय मतानुसार जो इस रात लक्ष्मी जी की षोडशोपचार विधि से पूजा करके श्री सूक्त का पाठ, कनकधारा स्त्रोत, विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करते है उनकी कुण्डली में धनयोग नही भी होने पर माता उन्हें  धन-धान्य से संपन्न कर देती हैं।
विज्ञापन

3 of 6
Sharad Purnima - फोटो : अमर उजाला
मन चाहा जीवन साथी पाने के लिए-
विवाह के इच्छुक युवाओं को इस दिन रात्रि में भगवान रजनीश यानि चन्द्रमा की भी पूजा अर्चना करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार माता लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था इसीलिए देश के कई हिस्सों में शरद पूर्णिमा को लक्ष्मीजी का पूजन किया जाता है, कुआंरी कन्याएँ इस दिन सुबह सूर्य और चन्द्र देव की पूजा अर्चना करें तो उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।

4 of 6
SHARAD PURNIMA 2022 - फोटो : istock
उत्तम स्वास्थ्य के लिए-
इस रात चन्द्रमा की किरणों से अमृत तत्व बरसता है। शरद पूर्णिमा की शीतल चाँदनी में खीर रखने का विधान है, खीर में मिश्रित दूध, चीनी और चावल के कारक भी चन्द्रमा ही है, अतः इनमें चन्द्रमा का प्रभाव सर्वाधिक रहता है। 3-4 घंटे तक खीर पर जब चन्द्रमा की किरणें पड़ती है तो यही खीर अमृत तुल्य हो जाती है, जिसको प्रसाद रूप में ग्रहण करने से व्यक्ति वर्ष भर निरोग रहता है। उसका शरीर पुष्ट और कांतिवान हो जाता है। प्राकृतिक चिकित्सालयों में तो इस खीर का सेवन कुछ औषधियां मिलाकर दमा के रोगियों को भी कराया जाता है। यह खीर पित्तशामक, शीतल, सात्विक होने के साथ वर्ष भर प्रसन्नता और आरोग्यता में सहायक सिद्ध होती है।  

Sharad Purnima 2022: आज शरद पूर्णिमा की रात बरसेगा अमृत,चंद्रदेव और मां लक्ष्मी की उपासना से मिलेगा धन-धान्य
विज्ञापन

5 of 6
Happy Sharad Purnima - फोटो : अमर उजाला
नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए-
शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की तरफ एकटक निहारने से या सुई में धागा पिरोने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक घंटे तक शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में बैठकर चन्द्रमा को देखना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
शरद पूर्णिमा - फोटो : SELF
ऊर्जा के लिए किरणों का सेवन
शास्त्रों के अनुसार लंकाधिपति रावण शरद पूर्णिमा की रात किरणों को दर्पण के माध्यम से अपनी नाभि पर ग्रहण करता था।मान्यता है कि इस प्रक्रिया से उसे पुनर्योवन शक्ति प्राप्त होती थी। प्रत्येक व्यक्ति को इस रात कम से कम 30 मिनट तक चंद्रमा की शीतल चांदनी में बैठना चाहिए। चांदनी रात में 10 से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच कम वस्त्रों में घूमने वाले व्यक्ति को ऊर्जा प्राप्त होती है,जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें