चंद्रदोष से मुक्ति पाने का दिन
जन्मकुंडली में चंद्रमा क्षीण हों, महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतर्दशा चल रही हो या चंद्रमा छठवें, आठवें या बारहवें भाव में हो तो चन्द्र की पूजा और मोती अथवा स्फटिक माला से ॐ सों सोमाय मंत्र का जप करके चंद्रजनित दोषों से मुक्त हुआ जा सकता है। जिन्हें ब्लड प्रेशर हो, पेट या ह्रदय सम्बंधित बीमारी हो, कफ़ नजला-जुखाम हो आखों से सम्बंधित बीमारी हो वे इसदिन चन्द्रमा की आराधना करके इन सब दुखों मुक्ति पा सकते हैं। जिन विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में न लगता हो वे चन्द्र यन्त्र धारण करके परीक्षा अथवा प्रतियोगिता में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। इस पूर्णिमा सभी प्रकार के ऋण रोग और दारिद्रता से मुक्ति दिलाने का सामर्थ्य है।