सेठ और सेठानी साधु के निकट बैठ गए
- फोटो : Rohit Jha
सेठ और सेठानी साधु के निकट बैठ गए। साधु ने जब आंखें खोली तो उन्हें ज्ञात हुआ कि सेठ और सेठानी काफी समय से आशीर्वाद की प्रतीक्षा में बैठे हैं। साधु ने सेठ और सेठानी से कहा कि मैं तुम्हारा दुख जानते हूं। तुम शनि प्रदोष व्रत करो, इससे संतान सुख प्राप्त होगा। साधु ने प्रदोष व्रत की विधि भी बताई।