फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Jayanti 2026: शुभ संयोग में शनि जयंती, जानें कैसे करें शनिदेव की पूजा जिससे दूर होंगे दोष

Fri, 15 May 2026 04:14 PM IST
Megha Kumari ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Jayanti 2026: इस साल शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन सच्चे मन से पूजा और दान-पुण्य करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
विज्ञापन
1 of 4
Shani Jayanti 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
Shani Jayanti 2026: 2026 में शनि जयंती का पर्व बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन एक साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, शनि जयंती के शुभ अवसर पर ज्येष्ठ अमावस्या, शनि अमावस्या, वट सावित्री व्रत और सौभाग्य व शोभन योग का दुर्लभ मेल रहेगा। इसके अलावा भरणी नक्षत्र का संयोग भी हैं, जो इस तिथि पर की गई पूजा-पाठ और उपायों के महत्व को और भी कई गुना बढ़ा रहा है। मान्यता है कि, शनि जयंती पर सच्चे मन से शनि महाराज की आराधना करने पर जीवन की परेशानियां कम होती हैं। साथ ही करियर-कारोबार की बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। हालांकि, शनि देव की पूजा करते समय विधि-विधान का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। इससे प्रभु प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा किस तरह करनी चाहिए।

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर चंद्रमा का डबल गोचर, इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ
विज्ञापन

2 of 4
Shani Jayanti 2026 - फोटो : अमर उजाला
शनि जयंती 2026
  • ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी।
  • इसका समापन 17 मई को देर रात 01 बजकर 30 मिनट पर होगा।
  • उदया तिथि के अनुसार, शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मान्य रहेगी।
  • पूजा के लिए शुभ समय शाम 7 बजकर 5 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
 

Shani Jayanti 2026: 16 मई को शनि जयंती, जानिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए क्या करें क्या न करें

Budh Uday 2026: बुध के उदय होने से इन राशि वालों की बढ़ेगी टेंशन, नौकरी-व्यापार में आ सकती हैं दिक्कतें

विज्ञापन

3 of 4
Shani Jayanti 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
पूजा विधि
  • शनि जयंती के दिन सबसे पहले नजदीकी शनि मंदिर जाएं।
  • मंदिर में श्रद्धा भाव से शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।इस दौरान उनकी आंखों में सीधे नहीं देखना चाहिए।
  • इसके बाद शनिदेव को काले तिल, काली उड़द और नीले या काले रंग के फूल अर्पित करें। यह चीजें शनि देव को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं।
  • अब सरसों के तेल का दीपक जलाकर शांत मन से शनिदेव का ध्यान करें और अपने जीवन के कष्ट दूर करने की प्रार्थना करें।
  • अपनी श्रद्धा और क्षमता अनुसार लोहे की वस्तुएं, काले वस्त्र या काली चप्पल आदि का दान करें। 
  • पूजा के दौरान ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें और पूरे श्रद्धा भाव से शनि चालीसा का पाठ करें।
  • अंत में विधि-विधान से शनिदेव की आरती करें और पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर इन 5 चीजों का करें दान, दूर होंगे दोष और मिलेगा लाभ

विज्ञापन

4 of 4
Shani Jayanti 2026 - फोटो : Amar Ujala
शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।

शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।

Shani Jayanti 2026: शनिदेव को तेल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें क्या है सही तरीका

Vat Savitri Vrat 2026: शनैश्चर अमावस्या के दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा वट सावित्री व्रत



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें