ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत सभी सौभाग्यवती महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत संपूर्ण भारतवर्ष में महिलाएं पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ करती हैं। विधि-विधानपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से पति को दीर्घायु, सुख-समृद्धि तथा संतान सुख की प्राप्ति होती है।
उत्तर भारत में बरगदाही के नाम से पुकारे जाने वाले सनातन संस्कृति के उत्कृष्ट सनातन जीवन मूल्यों के परिचायक इस व्रत से जुड़ी सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा से प्रायः हर सनातनधर्मी भली भांति परिचित है।