September Pradosh Vrat 2025: भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार यह उपवास 5 सितंबर 2025 को रखा जा रहा है। इस तिथि पर शुक्रवार का संयोग होने के कारण ये शुक्र प्रदोष कहलाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना करने से साधक को विशेष फलों की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा तनाव से राहत और जीवन में सुख-समृद्धि भी बनी रहती हैं। शास्त्रों में प्रदोष को महादेव की उपासना का सर्वश्रेष्ठ अवसरों में गिना जाता है। यदि इस दिन उन्हें केवल बेलपत्र चढ़ाया जाए, तो वह प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। हालांकि, इस तिथि पर कुछ सरल उपाय करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति के योग भी बनते हैं। साथ ही अटके कामों को गति मिलती है। ऐसे में आइए इन उपायों को जानते हैं।