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Sawan Shivratri: अभी तक नहीं कर पाए हैं शिवलिंग का जलाभिषेक, तो आज कर लें यह शुभ काम, प्रसन्न होंगे महादेव

Mon, 14 Aug 2023 09:34 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सावन अधिक मास की शिवरात्रि - फोटो : iStock
Sawan Adhik Maas Shivratri 2023: इस समय शिव जी का प्रिय महीना सावन चल रहा है। सावन में देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। इस साल सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से हुई थी। वहीं इसका समापन 31 अगस्त को होगा। वैसे तो सावन एक महीने का होता है, लेकिन इस बार सावन में अधिक मास जुड़ने से यह बढ़कर दो महीने का हो गया है। इस कारण सावन में पड़ने वाले कुछ व्रत और त्योहार की संख्या भी बढ़ गई है। 

इस बार सावन में आठ सोमवार, चार प्रदोष व्रत और दो मासिक शिवरात्रि हैं। सावन की दूसरी शिवरात्रि 14 अगस्त दिन सोमवार को है। यह अधिक मास की शिवरात्रि भी कहलाएगी। इस बार शिवरात्रि के दिन सावन सोमवार व्रत का सुंदर संयोग बना है। ऐसे में इस दिन आप व्रत रखकर दोनों ही व्रतों का पुण्य फल पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सावन अधिक मास की शिवरात्रि की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त... 

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सावन अधिक मास की शिवरात्रि - फोटो : istock
अधिक मास की शिवरात्रि की पूजा विधि
सावन अधिक मास की शिवरात्रि की शुरुआत 14 अगस्त, सोमवार को सुबह 10 बजकर 25 से होगी। इसका समापन 15 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर होगा।
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सावन अधिक मास की शिवरात्रि - फोटो : iStock
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात को 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है। इस शुभ मुहूर्त में शिव जी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं जो लोग सावन की पहली शिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक नहीं कर पाए हैं वह अधिकमास की शिवरात्रि पर जलाभिषेक कर सकते हैं। 

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सावन अधिक मास की शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
अधिकमास की शिवरात्रि पर इस तरह करें पूजा और अभिषेक
  • अधिकमास की शिवरात्रि वाले दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। फिर शिव जी के मंत्र 'ऊं नम: शिवाय' का जाप करते रहें। 
  • घर के पूजा घर की साफ सफाई कर दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। 
  • इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि भगवान भोलेनाथ को चढ़ाएं और फिर मंदिर जाकर जलाभिषेक करें। 
  • मंदिर में शिवलिंग पर भी बेलपत्र, धतूरा, भांग, दही, शहद, चीनी आदि शिव को अर्पण करें। 
  • मान्यता है कि जो भी भक्त पूरे विधि-विधान से महादेव की पूजा करता है उसको दोगुना पुण्य फल मिलता है। 
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सावन अधिक मास की शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
पूजा के दौरान पढ़ें ये मंत्र
  • ॐ नमः शिवाय।
  • नमो नीलकण्ठाय।
  • ॐ पार्वतीपतये नमः।
  • ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
  • ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
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