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Sawan Somwar 2023: सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा

Mon, 10 Jul 2023 09:49 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : अमर उजाला
Pahla Sawan Somwar 2023: 10 जुलाई 2023 को सावन का पहला सोमवार है। सावन माह के प्रत्येक सोमवार शिव भक्तों के लिए सबसे खास माने जाते हैं। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और विधि पूर्वक पूजा करते हैं। इस दिन सुबह से ही देशभर के सभी शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ लग जाती है। भगवान भोलेनाथ सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं। धार्मिक मान्यता है कि शिव जी को मात्र एक लोटा जल से भी प्रसन्न किया जा सकता है। सावन के महीने में शिव भक्त तरह तरह से भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। हालांकि इस बार सावन के पहले सोमवार को पंचक भी लग रहा है, इसलिए लोगों के मन में पूजा और जलाभिषेक को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं इस दिन पंचक का क्या प्रभाव होगा, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त... 

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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : amar ujala
पहले सोमवार पर पंचक का साया
सावन में 6 जुलाई 2023 को दोपहर O1 बजकर 38 मिनट से पंचक की शुरुआत हो गई थी, जिसका समापन 10 जुलाई को सावन के पहले सोमवार वाले दिन शाम 6 बजकर 59 मिनट पर होगा। यानी इस दिन पूरे दिन पंचक का साया रहेगा। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि पंचक गुरुवार के दिन से शुरू हुआ था, इसलिए ये हानिकारक नहीं है। 
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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : amar ujala
पंचक के अलावा बन रहे ये शुभ योग 
सावन के पहले सोमवार के दिन सुकर्मा योग और रेवती नक्षत्र है। साथ ही इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भी है। अष्टमी तिथि को रुद्रावतार बाबा काल भैरव की पूजा की जाती है। 

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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : iStock
शुभ मुहूर्त 
सावन के पहले सोमवार वाले दिन श्रावण अष्टमी तिथि सुबह से लेकर शाम 06 बजकर 43 मिनट तक है। सुकर्मा योग दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से है, जो पूरी रात रहेगा। वहीं पंचक सुबह 05 बजकर 30 मिनट से शाम 06 बजकर 59 मिनट तक है। इस दिन का शुभ मुहूर्त या अभिजित मुहूर्त 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक है। 

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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : iStock
पहले सावन सोमवार पर रुद्राभिषेक का समय
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार पहले सावन सोमवार पर रुद्राभिषेक का संयोग बना है, क्योंकि इस दिन शिववास गौरी के साथ है और जब शिववास होता है, तभी रुद्राभिषेक किया जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त प्रात: काल से लेकर शाम 06 बजकर 43 मिनट तक है। 

 
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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : Instagram
सावन सोमवार पूजा सामग्री
फूल, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री।
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सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया, जानिए कैसे होगी शिव पूजा - फोटो : iStock
सावन सोमवार पूजा विधि
  • सावन सोमवार के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। 
  • साथ ही देवी पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं।
  • इसके बाद पंचामृत से रुद्राभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें। 
  • शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं। इसके बाद शिव जी के साथ माता पार्वती और गणेश जी को तिलक लगाएं।
  • इसके बाद पंचामृत से रुद्राभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं। 
  • इसके बाद शिव जी के साथ माता पार्वती और गणेश जी को तिलक लगाएं।
  • प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी और शक्कर का भोग लगाएं। 
  • अंत में धूप, दीप से भगवान भोलेनाथ की आरती करें और पूरे दिन फलाहार हर कर शिव जी का स्मरण करते रहें। 
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