Sakat Chauth 2026: माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट व्रत रखा जाता है। इस दिन माताएं संतान की लंबी उम्र, तरक्की और अच्छी सेहत के लिए उपवास रखती हैं। व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद जल ग्रहण करने से किया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक, सकट व्रत में गणेश पूजन के साथ- साथ प्रभु को गुड़ और तिल का भोग लगाने का भी खास महत्व होता है। इससे दुखों का अंत होता है और जीवन में सकारात्मकता आती हैं। इसके अलावा सकट व्रत की पूजा में व्रती तिल का एक पहाड़ बनाकर उसे चांदी के सिक्के से काटती हैं, जिसे समस्याओं का अंत का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान महिलाएं संतान के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करते हुए कुछ सरल उपाय भी करती हैं, जो कल्याणकारी होते हैं। मान्यता है कि, सकट पर इन उपायों को करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं। साथ ही करियर-कारोबार में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। आइए इन उपायों को जानते हैं।