Kanya Pujan Age Rules: हिंदू धर्म में नवरात्रि के पावन पर्व का विशेष महत्व होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने के बाद अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को साक्षात मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि का व्रत और पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
मगर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कन्या पूजन के लिए किस उम्र की बालिकाओं को आमंत्रित करना चाहिए और उनके पूजन के क्या नियम हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि कन्या पूजन के लिए किस उम्र की कन्याओं को आमंत्रित करना चाहिए।