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कन्या पूजन में किस उम्र की कन्याओं को कराना चाहिए भोजन? जानें इस पूजा से जुड़ी सभी जरूरी बातें

Fri, 16 Oct 2026 08:13 PM IST
Shikhar Baranawal धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Right Age For Kanya Pujan: आने वाले 19 और 20 अक्तूबर को महाष्टमी और महानवमी का पर्व मनाया जाएगा, जिस दिन विशेष रूप से कन्या पूजन करने की प्राचीन परंपरा है। ऐसे में जो भी श्रद्धालु कन्या पूजन की तैयारी कर रहे हैं, उनके मन में इससे जुड़े कई तरह के सवाल होना स्वाभाविक है। आइए इस लेख में इन्हीं सवालों का जवाब विस्तार से जानते हैं।
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कन्या पूजन 2026 - फोटो : AI
Kanya Pujan Age Rules: हिंदू धर्म में नवरात्रि के पावन पर्व का विशेष महत्व होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने के बाद अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को साक्षात मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि का व्रत और पूजा पूरी नहीं मानी जाती।

मगर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कन्या पूजन के लिए किस उम्र की बालिकाओं को आमंत्रित करना चाहिए और उनके पूजन के क्या नियम हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि कन्या पूजन के लिए किस उम्र की कन्याओं को आमंत्रित करना चाहिए।
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कन्या पूजन 2026 - फोटो : adobe stock
कन्या पूजन के लिए क्या है बालिकाओं की सही उम्र?
  • धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कन्या पूजन के लिए 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की बालिकाओं को बुलाना सबसे उत्तम माना जाता है।
  • 2 वर्ष की कन्या को कुमारिका, 3 वर्ष की को त्रिधामा, 4 वर्ष की को कल्याणी और इसी प्रकार 10 वर्ष तक की कन्याओं को मां के विभिन्न रूपों का प्रतीक माना जाता है।
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कन्या पूजन 2026 - फोटो : adobe stock
कन्या पूजन में कितनी कन्याओं को भोजन कराना चाहिए?
  • कन्या पूजन में कम से कम नौ कन्याओं को आमंत्रित करना शुभ होता है, जो मां दुर्गा के नौ रूपों को दर्शाती हैं।
  • इसके साथ ही एक छोटे बालक को भी जरूर बुलाएं, जिसे बटुक भैरव या लंगूर का प्रतीक माना जाता है।
  • भैरव बाबा के बिना मां की पूजा अधूरी मानी जाती है।

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नवदुर्गा कन्या पूजन नियम - फोटो : AI
कन्या पूजन विधि
  • जब कन्याएं आपके घर आएं, तो सबसे पहले उनके पैर पानी या दूध से साफ थाल में धोएं और उन्हें साफ आसन पर बैठाएं।
  • इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम या अक्षत का टीका लगाएं और हाथों में कलावा (मौली) बांधकर पूरी निष्ठा के साथ उनका आशीर्वाद लें।
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नवदुर्गा कन्या पूजन नियम - फोटो : AI
सात्विक भोजन का भोग और खुशी से विदाई
  • इसके बाद कन्याओं को हलवा, पूरी, चना और नारियल जैसी सात्विक चीजें प्रेमपूर्वक परोसें।
  • भोजन कराने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें लाल चुनरी, फल, सिक्के या उपहार भेंट करें।
  • अंत में उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें और प्रसन्न मन से उन्हें विदा करें।
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