फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या अलग-अलग दिन होंगे शरद पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान? जानें सही तिथि और वजह

Fri, 16 Oct 2026 05:52 PM IST
Shikhar Baranawal धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ashwin Purnima Vrat Rules: इस वर्ष शरद पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संशय और उलझनें हैं। खासकर इस बात को लेकर भ्रम बना हुआ है कि व्रत किस दिन रखा जाएगा और पारण के साथ स्नान-दान किस दिन करना शुभ होगा। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि क्या ये दोनों धार्मिक कार्य अलग-अलग दिन किए जाएंगे और इसके पीछे पंचांग का क्या नियम है।
विज्ञापन
1 of 5
शरद पूर्णिमा 2026 सही तिथि - फोटो : AI
Ashwin Purnima Vrat Rules: हिंदू धर्म में आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी समस्त 16 कलाओं से युक्त होकर अमृत की वर्षा करता है और धन की देवी मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं।

इस वर्ष शरद पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के मन में थोड़ा संशय बना हुआ है कि व्रत, शरद पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान एक ही दिन होगा या अलग-अलग। पंचांग के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्तूबर को दोपहर 11:55 बजे शुरू होगी और 26 अक्तूबर को सुबह 9:41 बजे समाप्त होगी।

ऐसे में शरद पूर्णिमा का व्रत चंद्रोदय व्यापिनी तिथि के आधार पर 25 अक्टूबर को रखा जाएगा, जबकि स्नान और दान की परंपरा 26 अक्टूबर को निभाई जाएगी। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
शरद पूर्णिमा - फोटो : amar ujala
चंद्रोदय के कारण 25 अक्तूबर को रखा जाएगा शरद पूर्णिमा व्रत
  • शरद पूर्णिमा के व्रत और पूजन में रात्रि के समय चंद्रमा की पूजा का मुख्य महत्व होता है। 25 अक्तूबर, रविवार को पूर्णिमा तिथि में चंद्रोदय का समय मिल रहा है।
  • इसलिए शरद पूर्णिमा का व्रत और खीर रखने की परंपरा 25 अक्तूबर को ही निभाई जाएगी।
विज्ञापन

3 of 5
उदयातिथि के आधार पर 26 अक्तूबर को होगा स्नान और दान - फोटो : AI
उदयातिथि के आधार पर 26 अक्तूबर को होगा स्नान और दान
  • सनातन धर्म में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों के लिए सूर्योदय कालीन तिथि यानी 'उदयातिथि' को सर्वोत्तम माना जाता है।
  • 26 अक्तूबर, सोमवार की सुबह पूर्णिमा तिथि उदयातिथि में रहेगी, इसलिए इसी दिन स्नान और दान करना शास्त्रों के अनुसार फलदायी होगा।

4 of 5
तिथि के समापन और उदयातिथि का आसान नियम - फोटो : adobe stock
तिथि के समापन और उदयातिथि का आसान नियम
  • 26 अक्तूबर को पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर समाप्त हो रही है।
  • चूंकि सुबह सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए स्नान, जप और दान से जुड़े सभी धार्मिक कार्य 26 अक्तूबर की सुबह ही संपन्न किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शरद पूर्णिमा पर इस बात का रखें विशेष ध्यान - फोटो : adobe stock
शरद पूर्णिमा पर इस बात का रखें विशेष ध्यान
  • इस प्रकार, अगर आप शरद पूर्णिमा का व्रत रखते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर खीर रखते हैं, तो यह कार्य 25 अक्तूबर की रात करें।
  • वहीं, अगले दिन यानी 26 अक्तूबर की सुबह स्नान करके जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देकर अपने व्रत का पारण करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें