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Ram Navami 2025: 6 या 7 अप्रैल कब मनाई जाएगी राम नवमी ? यहां जानें सही तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 04 Apr 2025 10:28 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ram Navami 2025: हिंदू धर्म में भगवान राम को आदर्श पुरुष और महान योद्धा के रूप में पूजा जाता है। उनकी उपासना से साधक को सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं व्यक्ति की अध्यात्मिक उन्नति भी होती हैं।
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Ram Navami 2025 - फोटो : freepik
Ram Navami 2025: हिंदू धर्म में भगवान राम को आदर्श पुरुष और महान योद्धा के रूप में पूजा जाता है। उनकी उपासना से साधक को सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं व्यक्ति की अध्यात्मिक उन्नति भी होती हैं। इस दौरान राम जी को प्रसन्न और उनकी विशेष कृपा पाने के लिए राम नवमी की तिथि को सबसे शुभ माना गया है। बता दें, रामनवमी भगवान राम के जन्म के अवसर में मनाई जाती है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना और दान-पुण्य से जुड़े कार्य करने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को रामनवमी मनाई जाती है। इस बार 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी है। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि और शुभ योग के बारे में जानते हैं... 
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Ram Navami 2025 - फोटो : adobe stock
राम नवमी 2025 तिथि
पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगी। इसका समापन 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर है। उदया तिथि के मुताबिक 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी का महापर्व पूरे भारत में मनाया जाएगा।
 
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Ram Navami 2025 - फोटो : adobe stock
राम नवमी शुभ मुहूर्त
6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 8 मिनट से शुरु होगा। यह मुहूर्त दोपहर के 1 बजकर 39 मिनट तक बना रहेगा। आप इस अवधि में प्रभु श्रीराम की उपासना कर सकते हैं।

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Ram Navami 2025 - फोटो : adobe stock
राम नवमी शुभ योग
पंचांग के अनुसार राम नवमी पर पुष्य नक्षत्र बन रहा है। इसके अलावा इस दिन सुकर्मा योग बना रहेगा, जो शाम 6 बकर 54 मिनट तक है। इसके बाद धृति योग का निर्माण होगा।
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Ram Navami 2025 - फोटो : freepik
राम नवमी पूजा विधि
  • राम नवमी की पूजा के लिए सुबह ही स्नान कर लें।
  • अब एक चौकी लेकर उसपर भगवान श्री राम, सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दें।
  • अब भगवान राम को चंदन लगाकर उन्हें फूल, अक्षत, धूप अर्पित करें।
  • इसके बाद शुद्ध देसी घी से दीप जलाकर प्रभु को मिठाई व फलों का भोग लगाएं।
  • अब आप श्रीरामचरितमानस, सुंदरकांड या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
  • इस दौरान भगवान राम के मंत्रों का भी जाप करें, इससे मन में सकारात्मक भाव बना रहता है
  • अब प्रभु की आरती करें और पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।

 
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Ram Navami 2025 - फोटो : freepik

विपत्ति में रक्षा हेतु मंत्र

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। 
सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।

 

मुक्ति और प्रभु प्रेम हेतु मंत्र

नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट।
लोचन निजपद जंत्रित जाहि प्राण केहि बाट।।

 
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Ram Navami 2025 - फोटो : adobe stock
भगवान श्री राम की आरती
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। 
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
छंद 
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
।।सोरठा।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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