Raksha Bandhan
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रक्षाबंधन पर भद्रा का साया
रक्षा बंधन भद्रा मुख: सुबह 06 बजकर 18 मिनट से 08:00 बजे तक
रक्षा बंधन भद्रा काल समाप्त: शाम 08 बजकर 51 मिनट पर
ज्योतिर्विद डॉ. रामकृष्ण तिवारी के अनुसार शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर भद्रा योग बनता ही है। लेकिन यह योग हमेशा दोषपूर्ण है यह जरूरी नहीं होता है। 11 अगस्त सावन पूर्णिमा तिथि पर बनने वाला भद्रा योग बहुत ही सामान्य है। ऐसे में 11 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाना कहीं से भी अनुचित नहीं है। भद्रा को अशुभ समय माना गया है लेकिन यह भद्रा हमेशा अनिष्ठकारी नहीं होती है। ज्योतिष के अनुसार कन्या, तुला, धनु और मकर राशि में चंद्रमा होने पर भद्रा पाताललोक में होती है। ऐसे में इस काल में किया गया शुभ कार्य और पर्व मनाया जा सकता है। भद्रा के पाताललोक में निवास करने पर इसका पृथ्वी वासियों पर ज्यादा बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। 11 अगस्त को चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे।