राखी की असली ताकत उसके धागे या धातु से नहीं, बल्कि उस भावना से आती है
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राखी की सामग्री से बढ़कर भावना है महत्वपूर्ण
अंततः राखी की असली ताकत उसके धागे या धातु से नहीं, बल्कि उस भावना से आती है, जिससे वह बांधी जाती है। चाहे राखी रेशम की हो, चांदी की या सोने की, यदि वह सच्चे मन से भाई के प्रति प्रेम और सुरक्षा की भावना लेकर बांधी जाए, तो वह राखी सबसे शुभ और फलदायक होती है। हर बहन अपने सामर्थ्य के अनुसार भाई के लिए राखी चुनती है और यही भावना इस पर्व की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
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