हिंदू धर्म में जितना महत्व एकादशी व्रत का है उतना ही प्रदोष व्रत का भी है। एकादशी व्रत में जहां भगवान विष्णु की आराधना की जाती है वहीं प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा होती है। प्रदोष व्रत माह के दोनों पक्षों में आता है। इस बार 20 अप्रैल को सोम प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन पड़ने वाले वार पर निर्भर करता है। जैसे सोमवार के दिन प्रदोष व्रत आने पर सोम प्रदोष, मंगलवार के दिन मंगल प्रदोष, बुधवार के दिन बुध प्रदोष, गुरुवार के दिन गुरु प्रदोष, शुक्रवार के दिन शुक्र प्रदोष, शनि के दिन प्रदोष और रविवार के दिन रवि प्रदोष। प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है।