Parivartini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि चार मास की योग निद्रा में गए भगवान विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं। यही कारण है कि इसे 'परिवर्तिनी एकादशी' कहा जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, भजन,पवित्र नदियों में स्नान, दान व धार्मिक यात्राएं करने से साधक को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस होते हैं। इसके अलावा व्यक्ति की सभी इच्छाएं भी प्रभु पूरी करते हैं। इस बार 3 सितंबर 2025 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के साथ आयुष्मान योग का संयोग है। ऐसे में इन तीन चीजों का भोग लगाने से श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।