परिवर्तिनी एकादशी व्रत 29 अगस्त शनिवार को रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी अपने शयन मुद्रा में करवट बदलते हैं। करवट बदलने से उनके स्थान में परिवर्तन हो जाता है इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। कहते हैं परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से व्रती को वाजपेय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। इस एकादशी के दिन विष्णु जी के वामन रूप की पूजा होती है। पद्म पुराण में स्वयं श्रीकृष्ण जी ने कहा है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करनी चाहिए क्योंकि भगवान इन चार महीनों में वामन रूप में पाताल में निवास करते हैं।