चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल यह तिथि गुरुवार, 19 मार्च को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पापमोचनी एकादशी के पावन तिथि पर भगवान विष्णु के चतुर्भज स्वरुप की पूजा का विधान है। इस एकादशी पर विधि-विधान से विष्णु भगवान की पूजा करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है। आइए, आज हम आपको बताते हैं, वो 5 काम जो पापमोचनी एकादशी के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
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चावल न खाएं
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार सभी 24 एकादशियों में चावल खाने को वर्जित बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है, इसलिए इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन न करें। व्रत करना अगर संभव नहीं है तो इस दिन चावल न खाएं और कोशिश करें इस दिन सात्विक आहार लें।
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खान-पान और व्यवहार में संयम
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए। मांस, मदिरा के सेवन से दूर रहें।
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शारीरिक संबंध न बनाएं
एकादशी के दिन संयम के साथ पति-पत्नी को ब्रह्राचार्य का पालन करना चाहिए इसलिए इस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु का गुणगान करते रहने से विशेष लाभ मिलता है।
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लड़ाई-झगड़ा न करें
सभी तिथियों में एकादशी कि तिथि बहुत शुभ मानी गई है। एकादशी का लाभ पाने के लिए इस दिन किसी को कठोर शब्द नहीं कहना चाहिए। लड़ाई-झगड़ा से बचना चाहिए।
एकादशी का दिन भगवान की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए।