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Papmochani Ekadashi 2020: पापमोचनी एकादशी व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त एवं व्रत से जुड़े नियम

Thu, 19 Mar 2020 12:16 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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पापमोचनी एकादशी व्रत 2020 - फोटो : पापमोचनी एकादशी व्रत 2020
आज पापमोचिनी एकादशी व्रत है। यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी को समर्पित है। इस व्रत को करने से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। वैदिक धार्मिक शास्त्रों में पापमोचनी एकादशी का बड़ा महत्व बताया गया है। जो व्यक्ति इस व्रत को विधि-विधान के साथ सच्चे मन से करता है उसे समस्त प्रकार के पापों और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। इस बार यह तिथि 19 मार्च को पड़ी है।
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शुभ मुहूर्त - फोटो : demo
पापमोचनी एकादशी व्रत का मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ - 19 मार्च 2020 को प्रातः 4 बजकर 26 मिनट से 
एकादशी तिथि का समापन - 20 मार्च 2020 को प्रात: 5 बजकर 59 मिनट पर
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व्रत पारण
एकादशी व्रत पारण मुहूर्त
पारण मुहूर्त - 20 मार्च 2020 को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट से शाम 4 बजकर 7 मिनट तक

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प्रातःकाल
पापमोचनी एकादशी व्रत विधि
  • व्रती एकादशी की पूर्व संध्या को सात्विक भोजन करें।
  • प्रातः सूर्योदय से पहले उठें।
  • शौच क्रिया से निवृत्त होकर स्नान-ध्यान करें।
  • व्रत का संकल्प लेकर विष्णु जी की पूजा करें।
  • पूरे दिन अन्न का सेवन न करें
  • जरूरत पड़े तो फलाहार लें।
  • शाम को विष्णु जी की आराधना करें
  • विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।
  • व्रत पारण के समय नियमानुसार व्रत खोलें।
  • व्रत खोलने के पश्चात् ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें।
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चावल - फोटो : Pixabay
एकादशी में बरतें सावधानियां
  • व्रत न रखने वाले को आज के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मांस-मछली एवं मदिरापान का सेवन आज के दिन नहीं करना चाहिए।
  • इसके साथ ही लहसुन, प्याज, गाजर, मूली, शलजम, गोभी, पालक एवं मसूर की दाल का सेवन भी न करें।
  • आज के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें। जीवनसाथी या प्रियतम के साथ शारीरिक संबंध न बनाएं।
  • किसी के बारे में बुरा भला कहने से बचें। 
  • किसी से अप्रिय न बोलें।
  • आज के दिन क्रोध न करें, बल्कि सौम्य व्यवहार का पालन करें।
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निर्जला एकादशी - फोटो : सोशल मीडिया
पापमोचनी एकादशी व्रत का महत्व
मनुष्य गलतियों का पुतला होता है। वह अपने जीवन में जाने अंजाने में कई तरह की गलतियां या पाप कर देता है और बाद में उसे अपने पापों का फल भुगतना पड़ता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत को करने वाले व्यक्ति को उसके पापों से मुक्ति मिल जाती है और उसके लिए मोक्ष का द्वार खुल जाता है। 
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