फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पापांकुशा एकादशी 2026: 21 या 22 अक्तूबर ? जानें किस दिन रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत

Sat, 17 Oct 2026 05:16 PM IST
Shikhar Baranawal धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ekadashi Vrat Rules And Timings: पापांकुशा एकादशी का व्रत बहुत ही फलदायी माना जाता है, लेकिन इस बार इसकी तारीख को लेकर लोगों में काफी उलझन है। आइए, इस लेख के जरिए बेहद आसान शब्दों में जानते हैं कि इस साल पापांकुशा एकादशी किस दिन मनाई जाएगी।
विज्ञापन
1 of 5
पापांकुशा एकादशी 2026 सही तिथि - फोटो : AI
Papankusha Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पापांकुशा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित बेहद पवित्र व्रत है। बहुत से लोगों को इस वर्ष पापांकुशा एकादशी की सही तिथि को लेकर लोगों के मन में संशय बना हुआ है कि व्रत 21 अक्तूबर को रखा जाएगा या 22 अक्तूबर को।

पंचांग की गणना के अनुसार एकादशी तिथि 21 अक्तूबर 2026 को दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और 22 अक्तूबर को दोपहर 02 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि और सूर्योदय के नियमों के आधार पर यह व्रत बृहस्पतिवार, 22 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा। आइए इस लेख में इस व्रत से जुड़ी सभी जरूरी बातें जानते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
उदयातिथि के आधार पर 22 अक्तूबर को व्रत - फोटो : Adobe Stock
उदयातिथि के आधार पर 22 अक्तूबर को व्रत
  • शास्त्रों के अनुसार एकादशी का व्रत हमेशा उदयातिथि और सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि को देखकर रखा जाता है।
  • चूंकि 22 अक्तूबर की सुबह एकादशी तिथि पूरी तरह मौजूद रहेगी, इसलिए मुख्य व्रत इसी दिन किया जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
व्रत तोड़ने यानी पारण का सही समय और नियम - फोटो : Adobe Stock
व्रत तोड़ने यानी पारण का सही समय और नियम
  • पापांकुशा एकादशी का व्रत अगले दिन यानी 23 अक्तूबर 2026 को तोड़ा जाएगा।
  • व्रत खोलने यानी पारण का शुभ समय सुबह 06:27 ए एम से 08:42 ए एम तक रहेगा, जिसके भीतर ही जल ग्रहण कर व्रत का समापन करना चाहिए।

4 of 5
पापांकुशा एकादशी पूजा और व्रत का महत्व - फोटो : Adobe Stock
पापांकुशा एकादशी पूजा और व्रत का महत्व
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पवित्र व्रत को रखने से व्यक्ति के सभी जाने-अनजाने पाप नष्ट हो जाते हैं।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की सच्चे मन से पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
व्रत के दौरान अपनाए जाने वाले सात्विक नियम - फोटो : Adobe Stock
व्रत के दौरान अपनाए जाने वाले सात्विक नियम
  • एकादशी के दिन अन्न का सेवन नहीं किया जाता है और सिर्फ फलाहार रहकर ही व्रत पूरा किया जाता है।
  • इस दिन मन और विचारों में पवित्रता रखते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना और जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें