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Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लगाएं इन चीजों का भोग, धन-धान्य में होगी वृद्धि

Tue, 03 Jun 2025 06:36 PM IST
शिखर बरनवाल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

भगवान विष्णु को प्रसन्न और उनकी विशेष कृपा पाने के लिए एकादशी तिथि बेहद शुभ होती है। इस दौरान भगवान विष्णु को उनके प्रिय चीजों का भोग लगाने से जीवन में खुशियां बनी रहती है। ऐसे में आइए इन भोग के बारे में जान लेते हैं।
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भगवान विष्णु - फोटो : Adobe Stock
Nirjala Ekadashi 2025 bhog: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 6 जून 2025 को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल और अन्न ग्रहण किए व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग अर्पित किए जाते हैं।

निर्जला एकादशी को भीमसेनी या पांडव एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि पांडव भाई भीम ने ऋषि व्यास के सुझाव पर इस व्रत को किया था। यह व्रत सबसे कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें जल का सेवन भी वर्जित है। वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 6 जून 2025 को रात 2:15 बजे शुरू होगी और 7 जून को सुबह 4:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 6 जून को रखा जाएगा। व्रत का पारण 7 जून को दोपहर 1:44 बजे से शाम 4:31 बजे तक होगा। अब आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए।
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भगवान विष्णु - फोटो : Adobe Stock
भगवान विष्णु को प्रिय भोग
निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु को पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीला रंग समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र, हल्दी और केसर का उपयोग करें। केले का भोग विशेष रूप से प्रिय है, क्योंकि यह सात्विक और पवित्र फल है। केले को तुलसी पत्र के साथ अर्पित करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

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पंचामृत - फोटो : इंस्टाग्राम
पंचामृत
पंचामृत का भोग निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु को अर्पित करना शुभ माना जाता है। पंचामृत दूध, दही, शहद, चीनी और घी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इस पवित्र मिश्रण का उपयोग भगवान विष्णु के अभिषेक और भोग के लिए किया जाता है। इसे अर्पित करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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पंजीरी - फोटो : instagram
पंजीरी
पंजीरी भी इस दिन भगवान विष्णु को अर्पित करने की विशेष परंपरा है। यह धनिया और सूखे मेवों से बनाई जाती है, जो सात्विक और स्वादिष्ट होती है। पंजीरी को भोग के रूप में चढ़ाने से धन-धान्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। इसे तुलसी पत्र के साथ अर्पित करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

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खीर - फोटो : Adobe stock
मखाने की खीर
मखाने की खीर भी इस दिन भगवान विष्णु को अर्पित की जाती है। यह सात्विक और स्वादिष्ट भोग है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। मखाने की खीर दूध, चीनी और मेवों के साथ बनाई जाती है और तुलसी पत्र के साथ अर्पित की जाती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है    
 
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