शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। देवी का यह रूप ममता, करुणा, शक्ति और वात्सल्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं और उनके जीवन से भय, संकट तथा नकारात्मकता दूर करती हैं। संतान सुख की कामना करने वाले भक्तों के लिए भी इनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मां स्कंदमाता की उपासना से मन को शांति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा विधि, प्रिय भोग, मंत्र, आरती और उनकी पौराणिक कथा के बारे में।