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Maha Ashtami Puja: नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती

Mon, 03 Oct 2022 11:08 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : amar ujala
Durga Puja Ashtami Shubh Muhurat, Puja Vidhi, Mantra In Hindi: नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं। नवरात्रि मुख्य रूप से शक्ति की आरधना करने के दिन होते हैं। कहा जाता है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा धरती पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में नियम और निष्ठा के साथ मां आदिशक्ति के नौं स्वरूपों का पूजन करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। वहीं नवरात्रि के नौं दिनों के दौरान पड़ने वाली अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन को दुर्गा अष्टमी या फिर महाअष्टमी कहा जाता है। अष्टमी तिथि को मां के आठवें स्वरूप मां महागौरी के पूजन का विधान है। 03 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। तो चलिए जानते हैं अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा विधि और महत्व के बारे में... 
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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : iStock
नवरात्रि अष्टमी 2022 मुहूर्त
नवरात्रि महा अष्टमी तिथि की शुरुआत-  02 अक्टूबर, शाम 06 बजकर 47 मिनट से 
अष्टमी तिथि समाप्त - 03 अक्टूबर, शाम 04 बजकर 37 मिनट पर
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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : अमर उजाला
दुर्गाष्टमी 2022 पूजा विधि 
इस दिन मां दुर्गा के साथ उनके आठवें स्वरूप महागौरी माता का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे पहले लकड़ी की चौकी पर या मंदिर में महागौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। फिर चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र रखें और यंत्र की स्थापना करें। इसके बाद पुष्प लेकर मां का ध्यान करें। अब मां की प्रतिमा के आगे दीपक चलाएं और उन्हें फल, फूल, नैवेद्य आदि अर्पित करें और देवी मां की आरती उतारें। वहीं यदि आप पूरी नवरात्रि के व्रत रखते हैं तो अष्टमी को हवन जरूर करवाना चाहिए।

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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : iStock
महा अष्टमी पूजा का महत्व
नवरात्रि में अष्टमी तिथि के दिन पूजा करने से शादी-विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। साथ ही महागौरी की पूजा से दांपत्य जीवन सुखद बना रहता है और पारिवारिक कलह भी खत्म हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि माता सीता ने श्री राम की प्राप्ति के लिए देवी महागौरी की ही पूजा की थी। 
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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : अमर उजाला
मां महागौरी प्रिय भोग और फूल 
मां महागौरी का प्रिय फूल मोगरा माना जाता है। साथ ही उनका प्रिय भोग नारियल है। कहा जाता है ये दो चीजें देवी को अर्पित करने पर वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। 

रंग
नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का विधान है। मां महागौरी का प्रिय रंग सफेद होता है। 
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नवरात्रि का आठवां दिन है मां महागौरी को समर्पित, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और आरती - फोटो : amar ujala
महागौरी मंत्र

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:.
महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददो.
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
ओम महागौरिये: नम:

महागौरी की आरती

जय महागौरी जगत की माया ।
जया उमा भवानी जय महामाया ।।
 
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहां निवासा ।।
 
चंद्रकली ओर ममता अंबे ।
जय शक्ति जय जय मां जगदंबे ।।
 
भीमा देवी विमला माता ।
कौशिकी देवी जग विख्याता ।।
 
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा ।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ।।
 
सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया ।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया ।।
 
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया ।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ।।
 
तभी मां ने महागौरी नाम पाया ।
शरण आनेवाले का संकट मिटाया ।।
 
शनिवार को तेरी पूजा जो करता ।
मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ।।
 
भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो ।
महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो ।।
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