navratri 2020
वहीं इस शारदीय नवरात्रि पर चार सर्वार्थसिद्धि, एक त्रिपुष्कर और चार रवियोग बनेंगे। इसके अलावा सौभाग्य, धृति और आनंद योग भी रहेंगे। ऐसे में नई चीजों की खरीद-बिक्री और मकान या जमीन में निवेश के लिए समय बहुत ही शुभ रहेगा।नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने के बाद माता के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना होती है। इस दिन माता को भोग लगाकर और दुर्गासप्तशी का पाठ किया जाता है और अंत में माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।