पूजन विधि
देवी ब्रह्मचारिणी जी की पूजा का विधान इस प्रकार है, सर्वप्रथम आपने जिन देवी-देवताओं एवं गणों व योगिनियों को कलश में आमंत्रित किया है उनकी फूल, अक्षत, रोली, चंदन, से पूजा करें। उन्हें दूध, दही, शर्करा, घृत, व मधु से स्नान करायें और उनका पूजन करें। देवी ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा का पूजन करें और वंदना श्लोक की स्तुति करें। सभी देवी देवताओं का आचमन करें व भोग लगाएं। इनके प्रसाद में मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं। प्रसाद के पश्चात पान, सुपारी भेंट कर इनकी प्रदक्षिणा करें। इनकी पूजा के दिन जातक को पीले-केसरिया रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।
वंदना मंत्र
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलु|
देवी प्रसीदतु मणि ब्रह्मचारिणी यनुत्तमा।।
ब्रह्मचारिणी उपासना स्तोत्र पाठ
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥