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Nag Panchami 2020: केवल नागपंचमी के दिन दर्शन के लिए खोला जाता है ये मंदिर

Sat, 25 Jul 2020 10:49 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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नाग पंचमी 2020 - फोटो : Rohit Jha
आज नाग पंचमी का पावन पर्व है। यह पर्व हर साल सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। भारत में एक ऐसा मंदिर है जो केवल नाग पंचमी के दिन ही खोला जाता है। यह मंदिर उज्जैन में स्थित है। इस मंदिर का नाम है - नागचंद्रेश्वर। नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत।
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Nagchandreshwar temple - फोटो : सोशल मीडिया
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं। इस मंदिर की खास बात ये है कि इस मंदिर में 11वीं शताब्दी की निर्मित एक अद्भुत प्रतिमा है। इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।
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Nagchandreshwar temple - फोटो : सोशल मीडिया
तक्षक नाग का वर्णन महाभारत में मिलता है। तक्षक पाताल में निवास करने वाले आठ नागों में से एक है। यह माता कद्रू के गर्भ से उत्पन्न हुआ था तथा इसके पिता कश्यप ऋषि थे। तक्षक 'कोशवश' वर्ग का था। यह काद्रवेय नाग है। माना जाता है कि तक्षक  का राज तक्षशिला में था। 

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nagchandreshwar - फोटो : social media
नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने से नाग काटने का भय दूर होता है दूसरा इससे कालसर्प और सर्पयोग का अशुभ प्रभाव भी दूर होता है। नाग पंचमी तिथि को कुश जो एक प्रकार का घास होती है उससे नाग बनाकर दूध, घी, दही से इनकी पूजा की जाती है तो नागराज वासुकी प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि इससे व्यक्ति पर नाग देवता की कृपा होती है। नाग देव की पूजा से घर में सुख-शांति और धन-समृद्धि का आगमन होता है। 
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नाग पंचमी 2020 - फोटो : Rohit Jha
कहते हैं नाग पंचमी की पूजा का संबंध धन से जुड़ा हुआ है। दरअसल शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि नाग देव गुप्त धन की रक्षा करते हैं। इस कारण यह माना जाता है कि नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन में धन-समृद्धि का भी आगमन होता है। इस दिन व्रती को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उसे इस दोष से बचने के लिए नाग पंचमी का व्रत करना चाहिए।
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