भगवत गीता हिन्दू धर्म का बहुत ही प्रमुख ग्रंथ है। महाभारत युद्ध में जब पांडव और कौरव आमने-सामने हुए थे तो अपने सगे संबंधियों के खिलाफ शस्त्र उठाने को लेकर अर्जुन असमंजस में पड़ गए।
पढ़ें- गीता में लिखी इन 3 बातों को खुद पर करें लागू, हमेशा रहेंगे खुश
विज्ञापन
2 of 4
अर्जुन को इस मोह और दुविधा से निकालने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को नीति ज्ञान दिया। इस नीति ज्ञान का संकलन भगवत गीता के नाम से जाना जाता है। श्री कृष्ण के मुख कही गई बातों का संकलन होने के कारण इसे भगवान की वाणी भी माना जाता है।
विज्ञापन
3 of 4
जिस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का संदेश दिया था वह मार्गशीर्ष एकादशी का दिन था। इसलिए इस दिन मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है। इस साल मोक्षदा एकादशी 30 नवंबर को है।
पढ़ें- अलाउद्दीन खिलजी की थी 4 पत्नियां, राजपूत रानी के बारे में नहीं जानते होंगे आप
अठारह अध्यायों में संकलित भगवद गीता दर्शनशास्त्र का अद्भुत संकलन है, जो मनुष्य को कर्म करते हुए मोक्ष प्राप्ति की राह दिखाता है। माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन जो व्यक्ति गीता का पाठ करता है उसे पूर्व में किए कई पापों से मुक्ति मिल जाती है।