मोहिनी एकादशी का महत्व
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मोहिनी एकादशी का महत्व
मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पावन दिन भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के समय मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत का पान कराया था और असुरों से उसकी रक्षा की थी। इसलिए यह तिथि धर्म की विजय और दिव्य शक्ति के संतुलन का प्रतीक मानी जाती है। यह एकादशी भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय तिथियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इस दिन अन्न, वस्त्र और गुड़ का दान करने से दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। मोहिनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और स्थिरता बनी रहती है। यह व्रत न केवल भौतिक उन्नति देता है, बल्कि मन को भी शांति और संतोष प्रदान करता है।
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