फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mauni Amavasya 2020: मौनी अमावस्या पर क्यों रखा जाता है मौन, ज्योतिष और आध्यात्मिक महत्व

Fri, 24 Jan 2020 08:11 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
mauni amavasya 2020
माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या और माघी अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का महत्व बहुत होता है। माघ के महीने में लोग जप, तप और दान करने के लिए पवित्र नदियों के किनारे एकत्रित होते हैं। तीर्थराज प्रयागराज में संगम स्नान को बेहद ही शुभ माना जाता है। इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को है, इसी दिन शनि 30 वर्षों के बाद दोबारा मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मौनी अमावस्या पर मौन रख व्रत किया जाता है।

विज्ञापन

2 of 7
mauni amavasya 2020
मौनी अमावस्या mauni amavasya significance
सनातन परंपरा में माघ मास को अत्यंत पावन मास माना गया है। इस मास में विधि-विधान से स्नान-ध्यान एवं साधना का विशेष महत्व है। वैसे तो इस पूरे मास में ही स्नान-दान का महत्व है लेकिन अमावस्या के दिन इसका अत्यधिक महत्व है। यही कारण है कि इस तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुख-समृद्धि और मोक्ष की कामना लिए पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं। 
 
विज्ञापन

3 of 7
mauni amavasya 2020
मौनी अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व (maghi amavasya 2020)
मौनी अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में होते हैं। इनके एक साथ होने का संयोग प्रत्येक वर्ष एक ही दिन होता है। इस शुभ संयोग में किसी पवित्र नदी में मौन धारण करते हुए डुबकी लगाने का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व होता है। यही कारण है कि तमाम तीर्थो पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी तीर्थ पर पावन डुबकी लगाने के लिए इकट्ठा होते हैं।

4 of 7
mauni amavasya 2020
मौन रहने से बढ़ती है शुभता  (mauni amavasya 2020 date)
फलित ज्योतिष में सूर्य को आत्मा तथा चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चूंकि मन चंद्रमा की तरह चंचल होता है और अक्सर साधना-आराधना के दौरान भटक जाता है। ऐसे में मन को नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। मन पर नियंत्रण पाकर ही किसी साधना को निर्विघ्न रूप से पूर्ण किया जा सकता है। मन की कामनाएं अक्सर वाणी के द्वारा प्रकट की जाती हैं। ऐसे में मन पर नियंत्रण पाने के लिए माघ मास की अमावस्या के दिन मौन रखकर स्नान करने का विधान बना। 
विज्ञापन

5 of 7
mauni amavasya 2020
अक्षय पुण्य के लिए मौन रहकर करें स्नान-ध्यान
मान्यता है कि मन और वाणी पर नियंत्रण पाते हुए इस पावन तिथि पर स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष मिलता है। साथ ही इस दिन किए जाने वाले मौन स्नान से शरीर की सकारात्मक ऊर्जा का ह्रास भी नहीं होता है। मौन साधना से मिलने वाला पुण्य अक्षय रहता है। संतों के अनुसार मौन व्रत के बगैर मौनी अमावस्या पर स्नान करने से श्रद्धालुओं को पूरा पुण्य नहीं मिलता है। 
विज्ञापन

6 of 7
mauni amavasya 2020
मौनी अमावस्या पूजा विधि
यदि आप किसी कारण किसी नदी तीर्थ पर जाकर इस पावन तिथि वाले दिन स्नान-ध्यान एवं पूजन करने में असमर्थ हैं तो आप अपने घर में ही इसका पुण्य लाभ पा सकते हैं। मौनी अमावस्या के दिन मां गंगा का ध्यान करते हुए अपने जल के स्नान में गंगाजल और तिल डाल कर मौन रखते हुए स्नान करें और स्नान-ध्यान के पश्चात किसी मंदिर में जाकर अपनी क्षमता के अनुसार दान करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
mauni amavasya 2020
मौनी अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व
कड़ाके की ठंड में धार्मिक नियमों का पालन करते हुए साधना-आराधना का आध्यात्मिक महत्व भी है। विदित हो कि प्रयागराज कुंभ के अधिकांश स्नान पर्व भीषण ठंड में पड़ते हैं। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के मौसम में ये स्नान पर्व हमारे अंदर अदम्य जिजीविषा एवं संकल्प शक्ति का निर्माण करते हैं। इसी प्रकार मौनी अमावस्या पर मौन स्नान का भी अपना महत्व है। मौन रहते हुए अमृत रूपी जल का यह स्नान हमें जीवन की विषमताओं से न घबराने और चुनौतियों का दृढ़ता के साथ सामना करते हुए अपनी साधना-मनोकामना पूर्ण करने का संदेश देता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें