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Margashirsha Shivratri 2024: कब है मार्गशीर्ष शिवरात्रि? शिव की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

Sat, 30 Nov 2024 11:28 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष और अन्य ज्योतिषीय दोषों का निवारण होता है। साथ ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन की गई पूजा और शिव मंत्रों का जाप, तंत्र और मंत्र साधना के लिए अत्यधिक प्रभावी होती है।
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मार्गशीर्ष शिवरात्रि 2024 - फोटो : Amar Ujala
Margashirsha Shivratri 2024: शिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर और पूजा-अर्चना कर शिव की कृपा  प्राप्त करते हैं। मासिक शिवरात्रि हर माह की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती हैं। मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष और अन्य ज्योतिषीय दोषों का निवारण होता है। साथ ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन की गई पूजा और शिव मंत्रों का जाप, तंत्र और मंत्र साधना के लिए अत्यधिक प्रभावी होती है।

कब है मार्गशीर्ष शिवरात्रि 2024?
इस साल मार्गशीर्ष शिवरात्रि 29 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसे अगहन शिवरात्रि भी कहा जाता है। इस बार का यह पावन पर्व शोभन योग और स्वाति नक्षत्र में पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। दरअसल मार्गशीर्ष माह की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 29 नवंबर को सुबह 08:39 बजे से हो रहा है, वहीं इसका समापन 30 नवंबर को सुबह 10:29 बजे होगा। ऐसे में मार्गशीर्ष शिवरात्रि 29 नवंबर, शुक्रवार को ही मनाई जाएगी।
 
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मार्गशीर्ष शिवरात्रि के लाभ - फोटो : freepik
मार्गशीर्ष शिवरात्रि के लाभ
मार्गशीर्ष  शिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन तंत्र और मंत्र की सिद्धि के लिए भी विशेष प्रभावी होता है। मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की उपासना करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष, और अन्य देशों से राहत मिलती है। साथ ही परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
 
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राशि अनुसार शुभ शिव मंत्र - फोटो : freepik
राशि अनुसार शुभ शिव मंत्र
मेष- ओम नम: शिवाय
वृषभ- ओम नागेश्वराय नमः
मिथुन- ओम नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ओम नम:
कर्क- ओम चंद्रमौलेश्वर नम:
सिंह- ओम नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ओम नम:
कन्या- ओम नमो शिवाय कालं ओम नम:
तुला- ओम श्रीकंठाय नम:
वृश्चिक- ओम हौम ओम जूँ स:
धनु- ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नम:
मकर- ओम हौम ओम जूँ स:
कुंभ- ओम हौम ओम जूँ स:
मीन- ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नम:
 

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शिव मंत्र जाप कैसे करें? - फोटो : freepik
शिव मंत्र जाप कैसे करें?
शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान आदि करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें और शिव जी की विधि विधान के साथ पूजा करें। इसके बाद कंबल, कुश आदि से बना एक आसन ग्रहण करें। इस दौरान ध्यान रखें कि आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा में हो। अब अपने मन को बिल्कुल स्थिर और शांत कर लें। इसके बाद भगवान शिव का मन में ध्यान करके रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप शुरू कर दें। 
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मार्गशीर्ष शिवरात्रि 2024 - फोटो : freepik
ध्यान रखें कि मंत्र जाप के समय में क्रोध और दुर्भावना जैसी चीजों मन में बिल्कुल न हों। आप इन मंत्रों का जाप 108 बार कर सकते हैं।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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