Margashirsha Purnima 2025: पूर्णिमा हिंदू धर्म की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। इस दिन मुख्य रूप से स्नान, दान और पूजा-पाठ जैसे पुण्य कार्यों का विशेष महत्व होता है। साथ ही सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इसके प्रभाव से जीवन में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और सकारात्मकता का संचार होता है। यही नहीं प्रभु की कृपा से साधक को शुभ फल प्राप्त होते हैं। वर्तमान में मार्गशीर्ष माह जारी है। इस महीने में 4 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह वर्ष 2025 की अंतिम पूर्णिमा भी है, जिसपर भद्रा का साया बना हुआ है। ऐसे में पूजा-पाठ व पवित्र नदियों में स्नान के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, आइए जानते हैं।
Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी पर भद्रा, तुलसी से जुड़ी इन 5 बातों का रखें खास ध्यान