फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pradosh Vrat: मार्च में कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत, यहां जानें तिथि और महादेव की पूजा का शुभ मुहूर्त

Sat, 01 Mar 2025 06:33 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pradosh Vrat: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित है। इस दिन प्रभु की उपासना से वह न केवल प्रसन्न होते हैं बल्कि साधक की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं
विज्ञापन
1 of 5
Pradosh Vrat: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित है। इस दिन प्रभु की उपासना से वह न केवल प्रसन्न होते हैं बल्कि साधक की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं। - फोटो : अमर उजाला
Pradosh Vrat: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित है। इस दिन प्रभु की उपासना से वह न केवल प्रसन्न होते हैं बल्कि साधक की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं। मान्यता है कि प्रदोष व्रत भोलेनाथ की विशेष कृपा और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक जो व्यक्ति प्रदोष व्रत को सच्चे भाव और प्रेम से रखता है, उसपर महाकाल का आशीर्वाद बना रहता है। वहीं मनचाहा वर पाने के लिए कन्याएं भी भगवान शिव की पूजा करती हैं। वर्तमान में फाल्गुन माह जारी है और इस माह में यह व्रत कब रखा जाएगा। आइए इस बारे में जानते हैं..
विज्ञापन

2 of 5
पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 मार्च 2025 को सुबह 08 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगी। - फोटो : freepik
कब है प्रदोष व्रत
पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 मार्च 2025 को सुबह 08 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 12 मार्च को सुबह 09 बजकर 11 मिनट पर है। ऐसे में 11 मार्च 2025 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
ज्योतिषियों की अनुसार 11 मार्च को प्रदोष व्रत के दिन शाम 06 बजकर 27 मिनट पूजा का मुहूर्त शुरू होगा - फोटो : freepik
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों की अनुसार 11 मार्च को प्रदोष व्रत के दिन शाम 06 बजकर 27 मिनट पूजा का मुहूर्त शुरू होगा। यह शाम 08 बजकर 53 मिनट तक बना रहेगा। इस दौरान आप भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा कर सकती हैं।

4 of 5
राहुकाल:15:28:-16:57 - फोटो : freepik
शुभ योग
इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आश्लेषा नक्षत्र का योग बना रहेगा। इसके अलावा अतिगण्ड योग भी बनेगा। इस दिन चन्द्रमा कर्क राशि में रहेंगे।
राहुकाल:15:28:-16:57 
अभिजीत मुहूर्त:12:07-12:55
अमृतकाल:24:339-26:15
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रदोष व्रत के दिन सुबह ही स्नान करें और साफ वस्त्रों को ही पहनें। - फोटो : freepik

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • प्रदोष व्रत के दिन सुबह ही स्नान करें और साफ वस्त्रों को ही पहनें।
  • इसके बाद आप एक चौकी लेकर उसपर महादेव की मूर्ति स्थापित कर दें।
  • फिर महादेव और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें।
  • अब भोलेनाथ को बेलपत्र, चंदन और फूल की माला अर्पित करें।
  • इस दौरान कुछ फल भी चढ़ा दें।
  • अब दीपक जलाकर शिव जी के मंत्रों का जाप करें।
  • शिव चालीसा का पाठ करें।  
  • भगवान शिव की आरती करें।

 

March Ekadashi 2025: मार्च में कब-कब है एकादशी? यहां देखें तिथि और महत्

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें