चार महीने बाद देवउठनी एकादशी से शुरू मांगलिक कार्य 14 दिसंबर से थमने वाले हैं। इसके बाद अगले साल फरवरी से ही मांगलिक काम शुरू होंगे। दरअसल देवता के गुरु बृहस्पति और दैत्यों के गुरु शुक्र के उदय होने पर ही मांगलिक काम शुरू होते हैं और 14 दिसंबर को शुक्र ग्रह अस्त हो रहे हैं। जिस वजह से मांगलिक काम नहीं होंगे।
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वैसे शुक्र तारे को सुख सुविधाओं और भोग विलास का कारक माना जाता है और किसी भी मांगलिक काम पर इसका उदित स्वरूप होना शुभ माना जाता है।
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इसके अलावा विवाह जैसे मांगलिक कार्य पौष माह में करना अशुभ माना जाता है। शुक्रास्त और पौष मास 3 फरवरी तक रहेगा।