72 से 80 वर्षों में मकर संक्रांति 1 दिन आगे खिसक जाती है।
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सूर्य की गति और 20 सेकंड का खेल
सूर्य की गति: ज्योतिषीय और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, पृथ्वी की धुरी (Axis) स्थिर नहीं है; यह बहुत धीमी गति से घूमती है। इस कारण सूर्य की गति प्रतिवर्ष लगभग 20 सेकंड बढ़ जाती है (खगोलीय दृष्टि से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 20 सेकंड देरी से होता है)।
घंटों में बदल जाता है सेकंड: भले ही 20 सेकंड का समय बहुत कम लगे, लेकिन सदियों के कालखंड में यह समय घंटों और दिनों में बदल जाता है:
72 से 80 वर्षों में मकर संक्रांति 1 दिन आगे खिसक जाती है।
1000 वर्षों में सूर्य की स्थिति में लगभग 2 हफ्ते (14-15 दिन) का अंतर आ जाता है।
नोट: दरअसल, सूर्य की गति "बढ़" नहीं रही है, बल्कि पृथ्वी की धुरी के "डगमगाने" (Wobbling) के कारण सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हमें देरी से अनुभव होता है।