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Makar Sankranti Puja Vidhi: मकर संक्रांति पर इस विधि से करें सूर्य उपासना, मिलेंगे शुभ फल

Fri, 10 Jan 2025 01:53 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Makar Sankranti Surya Dev Puja Vidhi: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मकर संक्रांति को सूर्यदेव की उपासना और शनि दोष से मुक्ति के लिए सबसे उपयुक्त दिन माना गया है। इस दिन विधिवत पूजा करने से भगवान सूर्य देव का आशीर्वाद मिलता है।
  
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Makar Sankranti 2025 - फोटो : Amar Ujala

Makar Sankranti Puja Vidhi: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मकर संक्रांति को सूर्यदेव की उपासना और शनिदोष से मुक्ति के लिए सबसे उपयुक्त दिन माना गया है। इस दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव के घर आते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, साल में 12 संक्रांतियां होती हैं, क्योंकि सूर्य हर महीने राशि बदलते हैं। जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस समय देवताओं की रात्रि समाप्त होती है, और दिन का आरंभ होता है, जिसे उत्तरायण और दक्षिणायन कहा जाता है। इस पर्व पर पवित्र नदी में स्नान और सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है।

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मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की पूजा

मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने के बाद तांबे के बर्तन में जल, सिंदूर, लाल फूल और काले तिल डालकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। अंजुली में जल लेकर "ऊं सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करते हुए सूर्यदेव का ध्यान करना चाहिए। वेद-पुराणों और योग शास्त्रों में सूर्यदेव की उपासना को स्वास्थ्य और सुख का कारक बताया गया है। नियमित पूजा से रोग दूर होते हैं और शरीर की कमजोरी या जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

तिल और दान का महत्व

मकर संक्रांति पर तिल और उसके दान का खास महत्व है। तिल का संबंध शनिदेव से है, और इसका दान शनिदोष को कम करता है। इस दिन सूर्यदेव शनि की राशि मकर में एक माह के लिए प्रवेश करते हैं, जिससे शनि का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है। काले तिल का दान न केवल शनिदोष से मुक्ति दिलाता है, बल्कि सूर्यदेव की कृपा भी प्राप्त होती है।

मकर संक्रांति के उपाय

इस दिन आदित्य ह्रदय स्तोत्र, श्रीनारायण कवच और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ शुभ माना जाता है। पूजा के बाद तिल, उड़द दाल, चावल, खिचड़ी, गुड़, गन्ना और सब्जी का दान करना लाभकारी होता है। भविष्य पुराण में कहा गया है कि मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की उपासना करने से व्यक्ति बुद्धिमान, मेधावी और समृद्ध बनता है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक उन्नति का, बल्कि दान और सेवा के महत्व को भी दर्शाता है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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