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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर लोग दही और चूड़ा क्यों खाते हैं? महत्व जानिए

Mon, 13 Jan 2025 12:01 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dahi Chura Benefits:हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सूर्य की गति के कारण खिचड़ी और दही-चूड़ा खाने का विशेष महत्व है। ज्योतिष के अनुसार दही-खाने का क्या नियम है? 
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मकर संक्रांति 2025 - फोटो : amar ujala
Dahi Chura Significance on Sankranti: सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व सुख-समृद्धि लेकर आता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसीलिए मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति कमजोर है, तो मकर संक्रांति के दिन दान और पुण्य करने से लाभ और शुभ फल की प्राप्ति होती है। अब मकर संक्रांति के दिन दही-चना खाने का ज्योतिषीय महत्व क्या है? आइए जानते हैं विस्तार से।

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मकर संक्रांति 2025 - फोटो : adobe stock
मकर संक्रांति के दिन दही-चिवड़ा खाने का क्या महत्व है?
मकर संक्रांति के दिन दही-चिवड़ा खाने का बहुत महत्व है। यह न केवल एक स्वादिष्ट व्यंजन है, बल्कि इसके पीछे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारण भी हैं। दही और दही को सूर्य देव का प्रिय प्रसाद माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव को दही अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर दही-चिवड़ा खाने से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ती है। दही-चिवड़ा खाने से कुंडली में ग्रह दोष दूर होते हैं। दही-चूड़ा को नए साल की शुरुआत का शुभ संकेत माना जाता है।
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मकर संक्रांति 2025 - फोटो : adobe stock
दही-चूड़ा शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है
भारतीय संस्कृति में दही-चूड़ा को सदियों से शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता रहा है। दही और दही का सेवन शुभ माना जाता है, खासकर मकर संक्रांति जैसे त्योहारों के दौरान। दही का सफेद रंग शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि दही खाने से मन शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। दही-चूड़ा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार में खाया जाता है।

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मकर संक्रांति 2025 - फोटो : istock
दही चूड़ा खाने का धार्मिक महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि दही-खिचड़ी खाने से घर में सौभाग्य, सुख-समृद्धि आती है। दही-चूड़ा सूर्य देव का प्रिय प्रसाद माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन लोग सूर्य देव की पूजा करते हैं और उन्हें दही-चूड़ा चढ़ाकर प्रसन्न करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दही-दही खाने से व्यक्ति के ग्रह दोष भी दूर होते हैं।
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मकर संक्रांति 2025 - फोटो : Adobe Stock
दही चूड़ा खाने के फायदे
अगर आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या है तो दही चूड़ा खाना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और आंतों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। यदि आपको पेट खराब है या फूड पॉइजनिंग है तो आप दही चूड़ा खा सकते हैं। दही में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया आपके पेट को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। दही चूड़ा खाने से भी वजन कम करने में मदद मिल सकती है। 



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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