दरअसल मकर संक्रांति को खेत-खलियानों, फसलों से जुड़े हुए त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है। असल में मकर संक्रांति वह समय है,जब हमारे खेतों में फसलें तैयार हो चुकी होती है और हम फसलों के तैयार हो जाने की खुशियां मनाते हैं। संक्रांति के दिन ही हम हर उन चीजों का आभार प्रकट करते हैं, जिसने खेती तथा फसल उगाने में हमारी सहायता की है।