फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकर संक्रांति 2018: जानिए स्नान का शुभ मुहूर्त और त्योहार की पौराणिक मान्यताएं

Sun, 14 Jan 2018 08:50 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
माघ महीने में मकर संक्रांति का पर्व बेहद खास होता है जोकि हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह पर्व का शुभ मुहूर्त 14 और 15 जनवरी दोनों ही दिन हैं। दरअसल इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं यानि सूर्य उत्तरायण में होता है। सूर्य पूर्व से उत्तर दिशा की ओर गमन करने लगते हैं, तब उसकी किरणें सेहत और शांति को बढ़ाती हैं।
विज्ञापन

2 of 4
मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व भी बड़ा है। मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं। इस लिहाज से मकर संक्रांति पिता और पुत्र के अनोखे मिलन को दर्शाता है। 

 
विज्ञापन

3 of 4
एक दूसरी मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन ही भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर असुरों का संहार कर उनके सिरों को काटकर मंदरा पर्वत पर गाड़ दिया था। तभी से भगवान विष्णु की इस जीत को मकर संक्रांति पर्व के तौर पर मनाया जाने लगा।
विज्ञापन

4 of 4
मकर संक्रांति इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में बन रहा है। सूर्य रात 8 बजे के आसपास मकर राशि में 14 जनवरी को प्रवेश करेंगे जिससे इस बार दो दिन तक संक्रांति का योग बन रहा है। 15 जनवरी को स्नान व दान का विशेष महत्व बताया जा रहा है। इस बार स्नान-दान और पूजन के लिए पुण्यकाल सिर्फ 3 घंटे 55 मिनट ही रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पुण्य काल में किया गया स्नान-दान अधिक प्रभावकारी होता है। भगवान सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही स्नान-दान और पूजन का पर्व मकर संक्रांति इस साल सर्वार्थ सिद्धि योग में आ रहा है। सूर्य के राशि बदलने की प्रक्रिया को संक्रांति कहा जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें