निशीथ काल: सिद्धि और साधना की घड़ी
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निशीथ काल: सिद्धि और साधना की घड़ी
रात्रि का 8वां मुहूर्त: निशीथ काल रात का आठवां मुहूर्त होता है, जिसे मध्य-रात्रि या अर्धरात्रि का समय कहा जाता है। घड़ी के अनुसार यह समय रात 12 बजे के आसपास प्रारंभ होता है।
त्वरित सिद्धि का काल: रुद्रयामल और तंत्र सार जैसे ग्रंथों के अनुसार, यह काल भैरव, महाकाल और माता काली की साधना के लिए अचूक माना जाता है।
महानिशीथ का प्रभाव: सामान्य दिनों में निशीथ काल को कुछ कार्यों के लिए दूषित माना जा सकता है, लेकिन महाशिवरात्रि, दीपावली, नवरात्रि और जन्माष्टमी जैसी विशेष रात्रियों में यही समय 'महानिशीथ' बन जाता है, जो अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है।