11 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि की पूजा आराधना का फल प्रदोषकाल में ही श्रेष्ठ माना गया है। त्रयोदशी तिथि का अंत और चतुर्दशी तिथि के आरम्भ का संधिकाल ही इनकी परम अवधि है। किसी भी तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण आदि तथा सुबह-शाम के संधिकाल को प्रदोषकाल कहा जाता है। वैसे तो शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है किन्तु फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए और अलग-अलग मनोकामना के लिए भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है।