तिथियों के अनुसार व्रत रखने और त्योहार मनाने के पहले यह जानना जरूरी है कि हिंदू धर्म में कौन सा पर्व दिन में और कौन सा पर्व रात में मनाया जाता है।
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कब मनाएं त्योहार और रखें व्रत?
तिथियों के अनुसार व्रत रखने और त्योहार मनाने के पहले यह जानना जरूरी है कि हिंदू धर्म में कौन सा पर्व दिन में और कौन सा पर्व रात में मनाया जाता है। इसी के साथ ही कौन से व्रत का सूर्य से संबंध है और कौन से व्रत का संबंध चंद्रमा से है। जैसे दीपावली, दशहरा, नरक चतुर्दशी, नवरात्रि, शिवरात्रि, होली, जन्माष्टमी और लोहड़ी जैसे त्योहारों को रात में मनाए जाने का महत्व है। इसलिए इसमें उदया तिथि को महत्व नहीं देते हैं। गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष, रामनवमी, हनुमान जयंती, रक्षाबंधन, भाई दूज, गोवर्धन पूजा, रथ सप्तमी, छठ पूजा आदि त्योहार दिन में मनाते हैं इसलिए इसमें उदया तिथि को लेते हैं। इसी प्रकार एकादशी, चतुर्थी और प्रदोष का व्रत भी उदया तिथि के अनुसार रखना चाहिए, लेकिन स्मार्त और वैष्णव मत में इसको लेकर मतभेद है।