दही हांडी
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क्यों मनाई जाती है दही हांडी?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने अपने बचपन में अपने दोस्तों के साथ माखन मिश्री चुराते थे और दोस्तों में बांट देते थे। इसीलिए कान्हा को माखन चोर भी कहा जाता है। माखन चोरी होने के डर से गोपियों ने माखन की मटकी को ऊंचे स्थान पर लटकाना आरंभ कर दिया। लेकिन नटखट कान्हा अन्य ग्वालबालों के साथ माखन चुरा लेते थे और बड़े चाव से सबके साथ खाते थे। भगवान कृष्ण की इन बाल लीलाओं को दही हांडी उत्सव के रूप में मनाया जाता है।