कृष्ण जन्माष्टमी पूजा सामग्री लिस्ट
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कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ था। उस समय चंद्रमा वृषभ राशि में और सूर्य सिंह राशि में स्थित थे। इसी कारण हर साल इस शुभ तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाता है।
इस दिन भक्तजन भगवान के बाल स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, पूरी रात भजन-कीर्तन करते हैं और आधी रात को बाल गोपाल का दुग्ध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करते हैं। इसके बाद उनका सुंदर श्रृंगार कर भोग अर्पित किया जाता है। जन्माष्टमी पर चंद्रमा को जल अर्पित करने और बाल गोपाल को झूला झुलाने की परंपरा भी विशेष महत्व रखती है, जो इस पर्व की पवित्रता और आनंद को और बढ़ा देती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।