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Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय चीजें, जिसे कभी अपने ह्रदय से नहीं करते दूर

Tue, 16 Aug 2022 11:33 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्रीकृष्ण को कुछ चीजें अत्यंत ही प्रिय होती हैं ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा में इन प्रिय चीजों का जरूर शामिल करना चाहिए। - फोटो : पीटीआई
Krishna Janmashtami 2022: सावन के महीने में जहां भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाती है वहीं भाद्रपद महीना आरंभ होने पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों की धूम-धाम रहती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद जिसे भादों का महीना भी कहा जाता है, रोहिणी नक्षत्र पर कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। जिसके कारण हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी इसी तिथि को मनाई जाती है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 18 और 19 अगस्त दो दिन मनाया जा रहा है। भक्त भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा विशेष रूप से की जाती है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा की कारावास में रात्रि के 12 बजे हुआ था, ऐसे में भक्त जन्माष्टमी की रात के 12 बजे बाल गोपाल के जन्म का उत्सव बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाते हैं। भगवान के जन्म के बाद पूजा-आरती और भोग लगाने के बाद व्रत तोड़ते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को कुछ चीजें अत्यंत ही प्रिय होती हैं ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा में इन प्रिय चीजों का जरूर शामिल करना चाहिए। ऐसे करने से भगवान का आशीर्वाद सभी को प्राप्त होता है।

जन्माष्टमी मुहूर्त्त -19 अगस्त 2022
निशीथ पूजा मुहूर्त :24:03 से 24:46 तक
अवधि : 43 मिनट तक
जन्माष्टमी पारणा मुहूर्त : 20 अगस्त को
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बांसुरी के वास्तु उपाय
1-बांसुरी
बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रिय चीजों में एक है। भगवान कृष्ण हमेशा बांसुरी को अपने साथ रखते हैं,क्योंकि कान्हा अपनी मुरली को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। इस कारण से इनका एक नाम मुरलीधर भी है। प्रेम-शांति का संदेश देने वाली बांसुरी सम्मोहन, खुशी और आकर्षण का प्रतीक मानी गई है। घर पर बांसुरी रखने और बजाने पर उससे उत्पन्न होने वाली ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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मोरपंख - फोटो : अमर उजाला
2- मोरपंख
भगवान कृष्ण के माथे पर मोरपंख हमेशा सुशोभित रहता है। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा में मोरपंख जरूर शामिल करना चाहिए। मोरपंख सभी नौ ग्रहों का प्रतिनिधि  है। इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा तो आती ही है,ग्रहदोष भी शांत हो जाते हैं। मोरपंख में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है।
 

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- फोटो : istock
3- तुलसी
भगवान कान्हा की पूजा बिना तुलसी के अधूरी मानी जाती है। तुलसी भगवान कृष्ण को बहुत ही प्रिय होती है। भोग में तुलसी जरूर शामिल करना चाहिए। तुलसी के पौधे को हरि प्रिया भी कहा जाता है। तुलसी में वास्तु दोष और बीमारियों को दूर करने के कई गुण होते हैं।
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शंख (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
4- शंख 
हिंदू धर्म में कोई भी पूजा या अनुष्ठान बिना शंख के पूरा नहीं माना जाता है। शंख शुभता और आस्था का प्रतीक माना गया है। भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और शालिग्राम को स्नान कराने में शंख का प्रयोग किया जाता है। जन्माष्टमी पर शंख अवश्य ही बजाना चाहिए।
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गाय
5- गाय
हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। गाय में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है। भगवान कृष्ण को गायों के संग समय बीतना बहुत ही आनंद आता है। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी पर गाय की पूजा और सेवा जरूर करनी चाहिए।
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श्री कृष्ण माखन चोरी लीला - फोटो : अमर उजाला
6-माखन मिश्री
माखन मिश्री का भोग भगवान कृष्ण को प्रिय होती है। ऐसे में जन्माष्टमी पर कान्हा को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। यह जीवन में प्रेम और मिठास का प्रतीक है।
 
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वैजयंती की माला के ज्योतिष उपाय
6- वैजयंती माला
भगवान कृष्ण को वैजयंती माला बहुत ही प्रिय होती है। गले में वैजयंती माला सुशोभित होती है। वैजयंती माला कमल के बीजों के बनी हुई होती हैं। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी पर वैजयंती माला जरूर अर्पित करें।
 
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