भगवान कृष्ण
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एक ऐसी ही ज्योतिषीय गणना यह भी है कि भगवान कृष्ण की कुंडली में कालसर्प का दोष था। इसलिए वह हमेशा अपने मुकुट में मोर का पंख धारण करते थे। हम सभी जानते हैं कि मोर और सांप के बीच दुश्मनी है। इसलिए मस्तक पर मोर मुकुट धारण करने से कालसर्फ योग का दोष कम होता है। जैसे भगवान राम की पहचान उनकी धनुष से है तो उसी तरह श्रीकृष्ण की पहचान बंसी से है। भगवान कृष्ण की बांसुरी की मीठी संगीत सुनकर गोपियां उनकी ओर दौड़ी चली आती थीं। जन्माष्टमी के उत्सव में भगवान कृष्ण के श्रृंगार की सामग्री में बांसुरी को शामिल किया जाता है।
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