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Ganga Dussehra 2022: आज गंगा दशहरा पर 7 शुभ योग, इन चीजों के दान से मिलेगा अक्षय पुण्य का फल

Thu, 09 Jun 2022 07:39 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पौराणिक कथाओं और धर्म शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ माह की शुक्ल दशमी तिथि पर मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं थीं। - फोटो : अमर उजाला
Ganga Dussehra Puja Vidhi, Muhurat 2022 : 9 जून, गुरुवार को गंगा दशहरा का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा का त्योहार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में गंगा का विशेष स्थान माना गया है ऐसे में गंगा दशहरा का त्योहार हिंदूओं का प्रमुख त्योहार है। पौराणिक कथाओं और धर्म शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ माह की शुक्ल दशमी तिथि पर मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं थीं। इस कारण से यह त्योहार हर वर्ष मनाया जाता है। गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, पूजा और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस बार गंगा दशहरा के दिन 10 योग में 7 प्रकार के योग बन रहे हैं।
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गंगा दशहरा पर 7 शुभ योग और गंगा पूजन मुहूर्त:
शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर जब मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं थी तब उस दिन 10 प्रकार का शुभ योग का निर्माण हुआ था। इसी कारण से इसे गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। ये 10 इस प्रकार के थे- ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या का चंद्रमा और वृषभ का सूर्य। इस बार 9 जून को गंगा दशहरा पर 10 में से 7 योग बन रहे हैं। इस साल गंगा दशहरा पर 7 विशेष योग और मुहूर्त बन रहे हैं। हस्त नक्षत्र और व्यतिपात योग के साथ ही वृष राशि का सूर्य और कन्या राशि में चंद्रमा के रहते हुए गंगा दशहरा पर्व 9 जून को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा पूजन का पूजन मुहूर्त ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गुरुवार, 09 जून को सुबह 08 बजकर 22 मिनट से आरंभ होकर शुक्रवार, 10 जून को सुबह 07 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
पूजा विधि:
गंगा दशहरा पर शुभ मुहू्र्त को ध्यान में रखते हुए इस दिन पवित्र नदियों में गंगा स्नान किया जाता है।  गंगा स्नान करते हुए आप‘ऊँ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें। अगर किसी कारण से गंगा नदी में स्नान करना संभव न हो तो नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर स्नान करें। मान्यता है गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं। गंगा स्नान के बाद दान करने के विशेष महत्व होता है।

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- फोटो : अमर उजाला
इन चीजों का करें दान:
गंगा दशहरा पर स्नान और पूजा के बाद दान अवश्य करना चाहिए। मान्यता है इस दिन जो भी व्यक्ति दान करते हैं उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा के दिन जल, घड़ा, छाता, अन्न, फल,कपड़े,पूजन सामग्री,घी,नमक,तेल का दान कर सकते हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
दस तरह के पाप से मिलता है छुटकारा 
पुराण कहते हैं कि इस दिन गंगाजल के सेवन या गंगा स्नान करने से अनजाने में हुए पाप और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है एवं दस प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। दैहिक पाप- बिना दी हुई वस्तु को लेना,निषिद्ध हिंसा,परस्त्री संगम-यह तीन प्रकार का दैहिक पाप माना गया है। वाणी से पाप- कठोर वचन मुँह से निकालना,झूट बोलना,सब ओर चुगली करना एवं वाणी द्वारा मन को दुखाना,-ये वाणी से होने वाले चार प्रकार के पाप हैं। मानसिक पाप- दूसरे के धन को लेने का विचार करना,मन से किसी का बुरा सोचना और असत्य वस्तुओं में आग्रह रखना-ये तीन प्रकार के मानसिक पाप कहे गए हैं। यानि कि दैहिक, वाणी द्वारा एवं मानसिक पाप, ये सभी गंगा दशहरा के दिन पतितपावनी गंगा स्नान से धुल जाते हैं।
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