पांच अगस्त, नाग पंचमी
सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी कहा जाता है। पूरे भारत के सभी हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और आने वाली सात पीढ़ी तक परिवार में किसी को भी सर्पदंश का डर नहीं रहता है। शास्त्रों में अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कवल, कर्कोटक, अस्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल, इन बारह नागों का जिक्र पाया जाता है।
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