करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला उपवास करती हैं। कई युवतियां भी अपने जीवनसाथी के लिए यह व्रत रखती हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। इस पूजा में करवे का विशेष महत्व है। आमतौर पर मिट्टी के करवे का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कुछ महिलाएं स्टील के बर्तन भी चुनती हैं। हालांकि, धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में कुछ धातुओं के बर्तनों को पूजा के लिए उचित नहीं माना गया है।