फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karwa Chauth 2026: 28 या 29 अक्तूबर कब रखा जाएगा करवा चौथ व्रत? जानें सही तिथि, पूजा विधि और महत्व

Mon, 28 Sep 2026 12:48 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ के रूप में मनाया जाता है, जो सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला महत्वपूर्ण व्रत है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में करवा चौथ किस दिन रखा जाएगा और इस दिन की तिथि क्या है।
विज्ञापन
1 of 5
करवा चौथ 2026 कब है? - फोटो : AI
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। व्रत के दौरान पूरे दिन अन्न और जल का त्याग किया जाता है। शाम को पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में करवा चौथ किस दिन रखा जाएगा और इस दिन की तिथि क्या है।

शारदीय नवरात्रि 2026: 10 या 11 अक्तूबर कब होगी कलश स्थापना? जानें मां दुर्गा का वाहन और शुभ मुहूर्त
जितिया व्रत 2026: 3 या 4 अक्तूबर कब रखा जाएगा जीवित्पुत्रिका व्रत? जानें पूजा मुहूर्त और पारण का समय
विज्ञापन

2 of 5
करवा चौथ 2026 कब है? - फोटो : adobe stock
करवा चौथ 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1 बजकर 7 मिनट से आरंभ होगी और 29 अक्तूबर की रात 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर  2026 को रखा जाएगा। इस दिन परिधि योग का निर्माण होगा। साथ ही चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे और गौरी योग का भी संयोग बनेगा।

चतुर्थी तिथि का समय
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 29 अक्तूबर की रात 10 बजकर 11 मिनट पर होगा। उदया तिथि के नियम के अनुसार व्रत 29 अक्तूबर को रखा जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
करवा चौथ व्रत का धार्मिक महत्व - फोटो : Freepik
करवा चौथ व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक परंपराओं में करवा चौथ को दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य से जुड़ा व्रत माना गया है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती की आराधना करने से सुहाग की रक्षा और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस अवसर पर करवा माता के साथ भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर अविवाहित कन्याओं द्वारा मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखने की परंपरा है।

4 of 5
करवा चौथ पर ऐसे करें पूजा - फोटो : freepik
करवा चौथ पर ऐसे करें पूजा
  • प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें।
  • कई स्थानों पर सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने की परंपरा है।
  • इसके बाद पूरे दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखते हुए भगवान का स्मरण करें।
  • शाम के समय पूजा स्थल की साफ-सफाई कर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
  • इसके बाद करवा माता की आराधना करें और दीपक जलाएं।
  • पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा का श्रवण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोलें व्रत - फोटो : freepik
चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोलें व्रत
शाम की पूजा पूरी होने के बाद चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा की जाती है। चंद्र दर्शन के समय छलनी के माध्यम से चंद्रमा को देखा जाता है और उन्हें जल अर्पित कर अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद इसी छलनी से पति का चेहरा देखने की परंपरा है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण किया जाता है।

अक्तूबर 2026: शारदीय नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें